National Education Policy 2021 : New Education Policy | नई शिक्षा नीति PDF

National Education Policy 2021 | New Education Policy PDF | नेशनल एजुकेशन पालिसी नई शिक्षा नीति | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी क्या है| Modi Education Policy | National Education Policy 2021

New Education Policy 2021 In Hindi : नमस्कार दोस्तों आज हम आपको नई शिक्षा नीति नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के बारे में  बताएंगे |अभी कुछ दिनों पहले ही  मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय ने एजुकेशन पॉलिसी में बदलाव किए गए है। नई शिक्षा नीति में बदलाव इसरो प्रमुख डॉक्टर के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में किया गया है। इन बदलावों की विस्तृत जानकारी  हम अपने आर्टिकल के माध्यम से आप तक पहुंच जाएंगे ऐसे कई बदलाव किए गए हैं जिससे शिक्षा को वैश्विक स्तर पर ले जाया जाएगा |

दोस्तों  आज हम अपने आर्टिकल के माध्यम से आपको National Education Policy 2021 से जुड़ी जानकारी प्रदान करेंगे | इसके उद्देश्य, इसके लाभ, विशेषताएं  आदि के बारे में बताएंगे |यदि आप यह  महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़े और इसका लाभ उठाएं |

National Education Policy 2021

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी क्या है?

नई शिक्षा नीति के तहत  विद्यालयों और कॉलेजों में  पढ़ाई कराए जाने की नीति को जल्दी ही बदलने  की तैयारी की जा रही  है। भारत सरकार ने New National Education Policy 2021 आरंभ की है। जिसके अंतर्गत सरकार ने एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे मुख्य बदलाव किए हैं। जिसका सीधा असर  शिक्षा पर होने वाला है और छात्र-छात्राओं पर भी| इस National Education Policy 2021 के माध्यम से भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है। 

National Education Policy 2021 के अंतर्गत 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100% जी ई आर के साथ पूर्व विद्यालय से माध्यमिक विद्यालय तक शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा अब बच्चे अपनी इच्छा अनुसार सब्जेक्ट का चयन कर पाएंगे पहले 10+2 का पैटर्न फॉलो किया जाता था परंतु अब नई शिक्षा नीति के अंतर्गत 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जाएगा। यह National Education Policy 2014 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र में शामिल था। छोटे बच्चों को उनकी क्षेत्रीय भाषा और मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान रखा गया है|

शाला दर्पण राजस्थान

नई शिक्षा नीति 2021 Live Updates

न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत शिक्षकों की ट्रेनिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा|  ताकि शिक्षा नीति में भी बदलाव आ सकें  इसीलिए जो शिक्षक बच्चों को पढ़ाते हैं  उन्हें  टेट का एग्जाम देना होगा | नई स्कूली शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के स्वरूप में भी बदलाव होंगे। अभी तक टीईटी परीक्षा दो हिस्सों में बंटी हुई थी- पार्ट 1 और पार्ट 2। लेकिन अब स्कूली शिक्षा व्यवस्था का स्ट्रक्चर चार हिस्सों में विभाजित किया जाएगा  – फाउंडेशन, प्रीपेरेटरी, मिडल और सेकेंडरी। इसी के आधार पर टीईटी का पैटर्न भी निर्धारित किया जाएगा। विषय शिक्षकों की भर्ती के समय टीईटी या संबंधित सब्जेक्ट में एनटीए टेस्ट स्कोर भी चेक किया जा सकता है। और सभी विषयों की परीक्षाएं और एक कॉमन एप्टीट्यूट टेस्ट का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) करेगा। जिसमें शिक्षकों के ज्ञान का भी परीक्षण किया जा सकेगा|

National Education Policy 2021

Key Highlights Of New National Education Policy 2021

Name of SchemeNew Education Policy 2021 (NEP)
in Languageनई शिक्षा नीति
Name of MinistryUnion Cabinet Minister for Human Resource Development, Government of India
HRD MinisterDr. Ramesh Pokhriyal Nishank
Launched byCentral Government of India
BeneficiariesStudents of India
Major BenefitProvide New Reforms and Infrastructure In India
New Education Policy 2021 2020 Launched Date29 July 2020
NEP 2020 implementation dateAvailable Soon
Scheme ObjectiveEducation System Reform
Scheme underState Government
Name of StateAll India
Post CategoryScheme/ Yojana
Official Websitehttps://www.mhrd.gov.in/

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नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर प्रधानमंत्री का देश को संबोधन

  • National Education Policy के बारे में  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 7 अगस्त 2020 को हमारे देश को  संबोधित किया था।
  • प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन में नेशनल एजुकेशन पालिसी के मुख्य तथ्य की चर्चा की।
  • प्रधानमंत्री जी ने कहा कि नई शिक्षा नीति नए भारत का आधार बनेगी।
  • और वैश्विक स्तर पर भी भारत का लोहा माना जाएगा
  • National Education Policy के अनुसार अंतरराष्ट्रीय छात्र छात्राओं  को भी शिक्षा प्राप्त करने  का मौका दिया जाएगा
  • ई शिक्षा नीति भारत के छात्रों को ग्लोबल सिटीजन बनाएगी
  • और इसी के साथ यह नई शिक्षा नीति उन्हें अपनी सभ्यता से भी जोड़ा रखेगी।
  • छात्र जिस क्षेत्र में रुचि रखते हैं उसमें पढ़ाई कर सकेंगे जिससे वह भविष्य में सफल नागरिक बन सकेंगे 
  •  इस संबोधन में प्रधानमंत्री जी ने होर्डे मेंटालिटी का भी जिक्र किया।
  • बच्चे जो तनाव ग्रस्त हैं उनके तनाव को कम किया जाएगा और अन्य बच्चों में तनाव उत्पन्न होने से रोका जाएगा
National Education Policy 2021

रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना

  • प्रदानमंत्री जी ने कहा कि छात्रों को अपनी इंटरेस्ट, एबिलिटी और डिमांड की मैपिंग करनी चाहिए।
  • बच्चों को जहां कठिनाई आती है  उन  सवालों पर जोर दिया जाएगा
  • छात्रों को क्रिटिकल थिंकिंग को डिवेलप करने की आवश्यकता है।
  • प्रधानमंत्री जी ने यह भी कहा कि अब हम ऐसे युग में प्रवेश करने जा रहे हैं एक इंसान कोई एक प्रोफेशन अपनी पूरी जिंदगी फॉलो नहीं करेगा तो यह National Education Policy 2021 इस बात को ध्यान में रखते हुए भी आरंभ की गई है। और प्रधानमंत्री जी ने ऑनलाइन शिक्षा पर भी जोर दिया है
  • प्रधानमंत्री जी ने कहा कि अब तक एजुकेशन पॉलिसी व्हाट ऊ थिंक पर फोकस करती थी लेकिन यह नई शिक्षा नीति अब हाउ टो थिंक पर फोकस करेंगी।
  • इस National Education Policy 2021 को इंप्लीमेंट करने के लिए शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का बहुत बड़ा योगदान होगा। टीचर्स ट्रेनिंग पर भी खास ध्यान देने की बात की है। जिससे अच्छे ट्रेंड टीचर ही बच्चों को सही ज्ञान प्रदान कर पाएंगे
  • प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन में मल्टीपल एंट्री तथा एग्जिट के बारे में भी विस्तार पूर्वक समझाया है।
  • कक्षा 5 तक क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाए जाने का प्रावधान इस National Education Policy 2021 में शामिल किया गया है। ताकि उनको सही प्रकार से पढ़ाई समझ में आए और पढ़ाई बोझ ना लगे| इसके द्वारा बच्चों में रुचि बढ़ेगी|

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी अब समग्र शिक्षा में प्री प्राइमरी भी शामिल होगी

हमारे देश के शिक्षा मंत्रालय ने National Education Policy 2021 को अपनाने के लिए  कार्यान्वयन शुरू कर दिया गया है ताकि इसका रिजल्ट सफलता  का निकले इसीलिए शिक्षा से जुड़े सभी विभाग  इस पर कार्य कर रहे हैं  इसलिए यह भी निर्धारित किया गया है कि  समग्र शिक्षा में अगले वर्ष से प्री प्राइमरी को भी जोड़ा जाएगा। यह एक बहुत बड़ी पहल है। कोरोना काल के चलते स्कूलों में शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई को भी शिक्षा मंत्रालय द्वारा मजबूत बनाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।

सभी राज्यों से समग्र शिक्षा के अंतर्गत प्रस्ताव भेजने का सुझाव भी शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिया गया है। मंगलवार को शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई थी। जिसकी अध्यक्षता खुद केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशांक जी ने की थी। इस बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन को लेकर चर्चा की गई थी।अभी बदलाव को लेकर कोई भी सहमति नहीं बन पाई है। जैसे ही सहमति बनती है शिक्षा मंत्रालय  सीबीएसई, एनसीईआरटी और एनसीटीई के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करेगा। इस बैठक में शिक्षा में किए जाने वाले बदलाव का फैसला किया जाएगा। यह बदलाव बच्चों के भविष्य को देखते हुए ही किए जाएंगे|

PM Modi Yojna List

National Education Policy 2021 के अंतर्गत स्कूल बैग का वज़न तथा होमवर्क कम किया जाएगा

इस National Education Policy 2021 के अनुसार काफी सारे नए फैसले  किए गए हैं  जिससे शिक्षा को नए पड़ाव पर और बेहतर मार्ग पर ले जाया जाएगा  इस National Education Policy 2021 के तहत  1 से 10 कक्षा के बच्चों के लिए स्कूल बैग का वजन उनके वजन का 10% ही होना चाहिए। इससे ज्यादा वजन की किताबें उनके लिए नहीं होनी चाहिए।

इसी के साथ नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत व्हील कैरियर बैग लाना बच्चों के लिए मना किया गया है। पार्किंग  बच्चे सेफ रहे उन्हें कोई चोट ना लगे विद्यालय में बोइंग मशीन भी लगाई जाएगी जिससे कि सभी बच्चों के स्कूल बैग का वजन मॉनिटर किया जा सकेगा। पॉलिसी डॉक्यूमेंट में ये भी है कि स्कूल बैग हल्का होना चाहिए और उसमें प्रॉपर कंपार्टमेंट्स होने चाहिए। स्कूल बैग में 2 एडजेस्टेबल स्ट्रप्स होने चाहिए। जो कि बच्चों के कंधे पर फिट हो सके। जिससे बच्चे आसानी से पहन सकें|

National Education Policy 2021 का उद्देश्य क्या है?

इस नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य  भारत में प्रदान की जाने वाली शिक्षा  को वैश्विक स्तर पर उच्च  शिक्षा में बदलना है ताकि  भारत में  शिक्षा वैश्विक ज्ञान प्राप्त कर महाशक्ति बन सके और National Education Policy 2021 के माध्यम से शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 में सरकार के माध्यम से पुरानी एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे संशोधन किए हैं। जिससे कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे। इसमें बच्चों को उनकी क्षेत्रीय और मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जाएगी जिससे छात्र आसानी से पढ़ पाएगी और अपनी रूचि भी दिखा पाएंगे|

छात्र की वित्तीय सहायता

National Education Policy 2021 के तहत  छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी  और ऑनलाइन  प्रणाली के द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी  जिससे बच्चों में पढ़ाई को लेकर रुचि बनेगी और वह प्रोत्साहित होंगे और प्रगति के मार्ग पर चलेंगे  प्राइवेट स्टूडेंट्स को भी  इंस्टीट्यूट द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा  और उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी |

आईआईटी बहू विषयक संस्थान बनाए जाएंगे

National Education Policy 2021 के अंतर्गत आईआईटी जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों को मानविकी छात्रों के लिए हैं संस्थान खोले जाएंगे  जिससे  टेक्निकल शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र आसानी से टेक्निकल पढ़ाई कर पाएंगे |

विदेशी छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालय

विदेशी छात्रों के लिए  सस्ती लागत पर अच्छी शिक्षा प्रदान करने वाला एक वैश्विक अध्ययन स्थल के रूप में भारत को बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे विदेशी छात्री संस्थान के अंतर्गत अच्छी शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे  और  एक अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालय की स्थापना होगी।

नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना

नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना शिक्षा मंत्रालय द्वारा की जाएगी जिसके माध्यम से शिक्षा को उच्च स्तर पर ले जाया जा सकेगा और  शोध की संस्कृति को सक्षम बनाया जाएगा। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना से भारत में शोधकर्ताओं को बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे नई नई रिसर्च सामने आएंगी जो देश की प्रगति में बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगी। और बच्चों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होगी|

NEP के अंतर्गत बोर्ड का महत्व

National Education Policy 2021 के तहत बोर्ड परीक्षा  के महत्व को कम किया गया है  जिससे  बच्चों में डिप्रेशन  की कमी आएगी और बच्चे डिप्रेस्ड नहीं हो पाएंगे  इसीलिए  परीक्षा को दो भागों में  आयोजित किया जाएगा  और बच्चों के अंदर  ज्ञान हो इस पर जोर दिया  जाएगा।

National Education Policy 2021 पाठ्यक्रम

इस National Education Policy 2021 के तहत  पाठ्यक्रम को भी कम किया जाएगा  जिससे बच्चों पर पढ़ाई का भार कम होगा  और वह  रूचि रखते हुए पढ़ाई कर पाएंगे  और पढ़ाई में  क्रिटिकल थिंकिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत टेक्नोलॉजी के माध्यम से जैसे कि टीवी चैनल, ऑनलाइन बुक, एप आदि से भी पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे बच्चे रुचि रखते हुए पढ़ पाएंगे|

National Education Policy 2021 के तहत की जाने वाली सुविधाएं

  • भारत में संचालित स्कूलों को  यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालयों में दिया जाने वाला खाना  जो मिड डे मील  है उसकी क्वालिटी ठीक है या नहीं 
  • मिड डे मील देने का यह उद्देश्य है कि बच्चों को अपना लंच बॉक्स लाने की आवश्यकता ना पड़े 
  • विद्यालयों में  पानी  की भी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे बच्चों को वाटर बोतल लाने की आवश्यकता ना पड़े 
  • जिससे उनके बैक साइड में भी अंतर आएगा और उन्हें काफी एस्ट्रा सामान नहीं लाना पड़ेगा |
  • स्कूलों में क्लास का  टाइम निर्धारित किया जाएगा |
  • जिससे बच्चों  को पढ़ने में रुचि आएगी  और स्कूलों में लगाई जा रही किताबों  को भी  कम किया जाएगा 
  • और  से मांग की जाएगी कि किताबों का वजन कम किया जाए
  • विद्यालयों में क्लास का टाइम टेबल भी ऐसा बनाया जाएगा जिससे कि बच्चों के बैग का वजन कम हो।
  • स्कूलों को ऐसी पुस्तकों का चयन करना होगा जिन पुस्तकों का भार कम होगा |
  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत बच्चों के होमवर्क पर भी ध्यान दिया गया है।
  • इस योजना के अंतर्गत दूसरी कक्षा तक बच्चों को कोई भी होमवर्क नहीं दिया जाएगा।
  • क्योंकि पहली और दूसरी कक्षा के छात्र बहुत छोटे होते हैं और उन्हें इतनी देर तक बैठने की आदत नहीं होती है।
  • इसीलिए उनका टाइम निर्धारित किया जाएगा|
  • कक्षा तीसरी, चौथी तथा पांचवी के बच्चों को प्रत्येक हफ्ते में सिर्फ 2 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा।
  • कक्षा छठी से लेकर आठवीं के बच्चों को प्रतिदिन 1 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा।
  • और 9वी से 12वीं क्लास के बच्चों को प्रतिदिन 2 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा।
  • ताकि बच्चे बिना प्रेशर के सही से अपना होमवर्क कंप्लीट कर पाए|

National Education Policy 2021 की विशेषताएं

  • दोस्तों अब नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त करना  सबका मानवीय अधिकार  निर्धारित कर दिया गया है  |
  • और मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय अब शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा।
  • National Education Policy 2021 के अंतर्गत शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा
  • जिसमें मेडिकल और लॉ की पढ़ाई शामिल नहीं की गई है।
  • पहले 10+2 का पैटर्न फॉलो किया जाता था
  • परंतु अब नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जाएगा।
  • जिसमें 12 साल की स्कूली शिक्षा होगी और 3 साल की प्री स्कूली शिक्षा होगी।
  • छठी कक्षा से व्यवसायिक परीक्षण इंटर्नशिप आरंभ कर दी जाएगी।
  • पांचवी कक्षा तक शिक्षा मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में प्रदान की जाएगी।
  • जिससे बच्चे रुचि लेकर आसानी से पढ़ाई को समझ सके और पढ़ सकें|
  • पहले साइंस, कॉमर्स तथा अर्ट स्ट्रीम होती थी। अब ऐसी कोई भी स्ट्रीम नहीं होगी।
  • छात्र अपनी इच्छा अनुसार विषय चुन सकते हैं।
  • छात्र फिजिक्स के साथ अकाउंट या फिर आर्ट्स का कोई सब्जेक्ट भी पढ़ सकते हैं।
  • जिससे बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कोई परेशानी नहीं आएगी|
  • छात्रों को छठी कक्षा से कोडिंग सिखाई जाएगी।
  • सभी स्कूल डिजिटल इक्विप्ड किए जाएंगे।
  • सभी प्रकार की इकॉन्टेंट को क्षेत्रीय भाषा में ट्रांसलेट किया जाएगा।
  • वर्चुअल लैब डिवेलप की जाएंगी। जिससे बच्चे डिजिटलीकरण के समय में डिजिटल शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे|

National Education Policy 2021 की कुछ मुख्य बातें

हायर एजुकेशन के लिए  उपयुक्त प्रमाणीकरण के साथ कई प्रविष्ठियां और निकास बिंदु होंगे यह कुछ इस प्रकार है।

  • अब स्नातक कोर्स 3 या 4 साल के हो सकते हैं। और इसके अंदर कई सारे एग्जिट ऑप्शन होंगे।
  • जोकि उचित सर्टिफिकेशन के साथ होंगे जैसे कि यदि छात्र ने 1 साल स्नातक कोर्स में पढ़ाई की है
  • तो उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा, 2 साल के बाद एडवांस डिप्लोमा दिया जाएगा, 3 साल के बाद डिग्री दी जाएगी
  • और 4 साल के बाद रिसर्च के साथ बैचलर की डिग्री दी जाएगी।
  • एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का गठन किया जाएगा
  • जिसमें छात्रों द्वारा अर्जित किया गए डिजिटल अकैडमी क्रेडिट हो विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से संग्रहित किया जाएगा
  • और इसे अंतिम डिग्री के लिए स्थानांतरित किया जाएगा और गिना जाएगा।
  • ऑनलाइन पढ़ाई पर  फोकस किया जा रहा है जिससे  पाठ्य पुस्तकों पर निर्भरता में कमी आएगी 
  • यह इस नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का उद्देश्य है।

Pm Kusum Yojana

  • राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा की पेशकश करेगी।
  • 2030 तक हर जिले में कम से कम एक बड़ी  विषयक उच्च शिक्षा संस्थान का निर्माण किया जाएगा।
  • ताकि National Education Policy 2021 के रूल्स का पालन किया जा सके
  • 2040 तक सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को बहू विष्य संस्थान बनाने का लक्ष्य इस नई शिक्षा नीति में रखा गया है।
  • भारतीय उच्च शिक्षा आयोग संपूर्ण उच्च शिक्षा के लिए एकमात्र निकाय होगा। (चिकित्सा और कानूनी शिक्षा को छोड़कर)
  • भारतीय उच्च शिक्षा आयोग के पास चार वर्टिकल होंगे
  • जो कि नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी काउंसिल, जनरल एजुकेशन काउंसिल, हायर एजुकेशन काउंसिल तथा नेशनल एक्रीडिटेशन काउंसिल होगा।
  • National Education Policy 2021 के अंतर्गत सरकारी तथा प्राइवेट शिक्षा मानव एक समान होंगे।
  • तथा दिव्यांग जनों के लिए शिक्षा में बदलाव किया जाएगा। जिससे उन्हें भी आसानी हो जाएगी|

नई शिक्षा नीति के लाभ

  • National Education Policy 2021 को लागू करने के लिए  जीडीपी का  6% हिस्सा खर्च किया जाएगा।
  • पढ़ाई में संस्कृत और भारत की अन्य प्राचीन भाषाएं पढ़ने का विकल्प रखा जाएगा।
  • छात्र अगर चाहे तो यह भाषाएं पढ़ सकते हैं। बच्चों को क्षेत्रीय और मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जाएगी
  • बोर्ड परीक्षाओं में भी बदलाव किया जाएगा।
  • ऐसा हो सकता है कि साल में दो बार छात्रों के ऊपर से बोझ कम करने के लिए बोर्ड परीक्षाएं ली जाए।
  • पढ़ाई को आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी किया जाएगा।
  • अब से National Education Policy 2021 के अनुसार हाइर एजुकेशन से एमफिल की डिग्री को खत्म किया जा रहा है।
  • एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को मैन सिलेबस में रखा जाएगा।
  • छात्र छात्राओं को एक से अधिक भाषाओं की ज्ञान की हेतु  3 भाषा सिखाई जाएंगी
  • जो कि राज्य अपने स्तर पर निर्धारित करेंगे।
  • राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा तैयार की जाएगी।
  • न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी  को लागू करने के लिए  कई  सारे  संस्थानों की स्थापना की जाएगी 
  • जिससे इस पॉलिसी के रूल्स को फॉलो किया जा सके 
  • नई नेशनल एजुकेशन पालिसी के अंतर्गत बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। और उनमें क्रिएटिविटी वी उत्पन्न होगी
  • इसमें यह भी स्वतंत्रता है कि  बच्चे अपनी इच्छा अनुसार भाषा में पढ़ाई कर सकती हैं 
  • और National Education Policy 2021 के अंतर्गत यदि कोई छात्र कोई कोर्स बीच में छोड़कर दूसरे कोर्स में दाखिला लेना चाहता है
  • तो वह पहले कोर्स से निश्चित समय तक ब्रेक ले सकता है और दूसरा कोर्स ज्वाइन कर सकता है।
  • इससे वह अपनी रूचि के अनुसार पढ़ाई कर सकेंगे

National Education Policy 2021 के चार चरण

दोस्तों अब से National Education Policy 2021 को चार चरणों में विभाजित किया गया है जो कि 5+3+3+4 पैटर्न है। इस नए पैटर्न में 12 साल की स्कूली शिक्षा तथा 3 साल की प्री स्कूली शिक्षा शामिल है। New National Education Policy 2021 को सरकारी तथा प्राइवेट दोनों संस्थानों को फॉलो करना होगा। न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के चार चरण नीचे दिए गए हैं जो इस प्रकार है।

फाउंडेशन स्टेज

फाउंडेशन स्टेज 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए हैं। जिसमें 3 साल की प्री स्कूल शिक्षा तथा 2 साल की स्कूली शिक्षा (कक्षा एक तथा दो) शामिल है। फाउंडेशन स्टेज के अंतर्गत भाषा कौशल और शिक्षण के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। और बच्चों को खेल खेल में शिक्षा प्रदान की जाएगी|

प्रिप्रेटरी स्टेज

प्रिप्रट्री स्टेज के अंतर्गत 8 साल से लेकर 11 साल तक के बच्चे आएंगे। जिसमें कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों को सम्मिलित किया जाएगा इसमें बच्चों को भाषा और संख्यात्मक ज्ञान प्रदान किया जाएगा जिससे बच्चों के अंदर कौशल विकास उत्पन्न होगा और इस स्टेज के बच्चों को क्षेत्रीय और मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जाएगी |

मिडिल स्टेज

मिडिल स्टेज के अंतर्गत कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को सम्मिलित किया जाएगा इसमें बच्चों को  कोडिंग  सिखाई जाएगी और उन्हें व्यवसायिक परीक्षण के साथ-साथ इंटर्नशिप भी प्रदान की जाएगी।

सेकेंडरी स्टेज

सेकेंडरी स्टेज में कक्षा 9 से 12 तक के  स्टूडेंट को सम्मिलित किया जाएगा   जैसे कि पहले बच्चे साइंस, कॉमर्स तथा आर्ट्स स्ट्रीम लेते थे। परंतु अब यह खत्म कर दिया गया है। अब बच्चे अपनी पसंद का सब्जेक्ट ले सकते हैं। जैसे कि  बच्चे साइंस के साथ कॉमर्स का या फिर कॉमर्स के साथ आर्ट्स के  भी ले सकते हैं। और अपनी रुचि के अनुसार शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं

National Education Policy 2021 : स्ट्रीम्स

नई शिक्षा नीति के अनुसार अभी  छात्र छात्राओं को  कोई एक स्क्रीम चुनने की आवश्यकता नहीं  होगी। अब छात्र आर्ट स्ट्रीम के साथ साइंस स्ट्रीम भी पढ़ सकते हैं, साइंस स्ट्रीम के साथ आर्ट्स स्ट्रीम भी पढ़ सकते हैं। प्रत्येक विषय को अतिरिक्त पाठ्यक्रम ना मान के पाठ्यक्रम के रूप में देखा जाएगा जिसमें योग, खेल, नृत्य, मूर्तिकला, संगीत आदि शामिल है। एनसीईआरटी पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार तैयार करेगी। इसमें शारीरिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। वोकेशनल तथा एकेडमिक स्ट्रीम को अलग नहीं किया जाएगा जिससे कि छात्रों को दोनों क्षमताओं को विकसित किया जाएगा |

B.Ed अब 4 साल का

इस National Education Policy 2021 के तहत B.Ed पाठ्यक्रम के 4 साल की अवधि में कंप्लेंट करने  का प्रावधान रखा कॉल 2030 के अंत तक शिक्षक की न्यूनतम योग्यता 4 साल का बी एड प्रोग्राम होगी। सभी स्टैंडअलोन शिक्षण संस्थान जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षण संस्थानों को B.ed को 4 साल करना अनिवार्य है|

वोकेशनल स्टडीज पर फोकस

भारत में वोकेशनल स्टडीज सीखने   वाले छात्र-छात्राओं की संख्या  5% से भी कम है  इसीलिए  कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के सभी छात्र छात्राओं की वोकेशनल स्टडीज  पर ध्यान दिया जाएगा जिसके अंदर  बागबानी, लकड़ी का काम, मिट्टी के बर्तन, बिजली का काम आदि शामिल है। 2025 के अंत तक National Education Policy 2021 के अंतर्गत कम से कम 50% छात्रों को वोकेशनल स्टडीज पढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे बच्चे वोकेशनल स्टडी पर ध्यान दे पाएंगे और समय के साथ-साथ अन्य बातें भी सीख पाएंगे|

मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा

छात्र-छात्राएं मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई जाने बाली पढ़ाई आसानी से समझ पाते हैं इसीलिए National Education Policy 2021 में पांचवी कक्षा तक के बच्चों को उनकी मातृभाषा और उनकी क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाने के लिए प्रावधान निर्धारित किया गया है । पाठ्य पुस्तकों को भी क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध कराना का प्रयास किया जाएगा और यदि पाठ्यपुस्तक क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध नहीं है तो इस स्थिति में बच्चों और शिक्षक के बीच बातचीत का माध्यम क्षेत्रीय भाषा होगा। कक्षा एक से बच्चों को दो से तीन भाषाएं सिखाई जाएंगी। जिससे बच्चों को एक ही कक्षा में कई भाषाओं का ज्ञान हो सकेगा|

शिक्षकों की भर्ती

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के अंतर्गत यदि दी गई भाषाओं को बोलने वाले शिक्षकों की कमी है। तो जो शिक्षक भाषाएं जानते हैं उन शिक्षकों को दोबारा बुलाया जाएगा ताकि वह छात्र छात्राओं को भाषाओं का ज्ञान प्रदान कर सकें |

विदेशी भाषा सिखाई जाने पर भी जोर

अब माध्यमिक विद्यालय के बच्चे भी अपनी पसंद की  विदेशी भाषा को सीख पाएंगे  जैसे  फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, चाइनीस, जैपनीज आदि  यह सभी प्रयास भारत की शिक्षा को वैश्विक तौर पर पहचान बनाने का एक प्रयास है। जिससे छात्रों को अन्य भाषाओं का भी ज्ञान हो पाएगा

Conclusion

आज हमने अपने आर्टिकल के माध्यम से आपको  न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी  से जुड़ी जानकारी प्रदान की |छात्रों के भविष्य के लिए National Education Policy 2021 सरकार का एक  अच्छा फैसला है|  जो छात्राओं  और छात्रों  के लिए  लाभदायक  रहेगा|  यदि आपको हमारी यह जानकारी अच्छी लगी हो  तो आप हमारी वेबसाइट पर विजिट करते रहिए|  हम आपको ऐसी ही जानकारियां प्रदान करते रहेंगे | दोस्तों हमारा आर्टिकल पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।

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