भारत की पंचवर्षीय योजना: पंचवर्षीय योजना क्या है, भारत की 13वीं पंचवर्षीय योजना हिंदी में

भारत की पंचवर्षीय योजना | केंद्र सरकार पंचवर्षीय योजना | 13वीं पंचवर्षीय योजना | Five Year Plans | भारत की 13वीं पंचवर्षीय योजना |

भारत की पंचवर्षीय योजना द्वारा प्रत्येक 5 वर्ष के लिए देश के नागरिकों के आर्थिक तथा सामाजिक विकास के लिए शुरू की जाती है | भारत की पंचवर्षीय योजना केंद्रीकृत तथा एकीकृत राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम होते है | पंच वर्षीय योजनाओं के अंतर्गत अब तक 12th Five Year Plans जारी की जा चुकी है | इस योजना के अंतर्गत देश में कृषि विकास ,रोजगार के अवसर प्रदान करना, मानवीय व भौतिक संसाधनों का उपयोग कर उत्पादकता को बढ़ावा देना आदि सुविधाएँ उपलब्ध हैं |

दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हम आपको भारत की पंचवर्षीय योजना के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे | जैसे कि- भारत की पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य,इतिहास, लाभ तथा विशेषताएं आदि | यदि आप भी पंच वर्षीय योजनाओं के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ना होगा |

भारत की पंचवर्षीय योजना

प्रथम पंच वर्षीय योजना (1951-1956)

पहली भारत की पंचवर्षीय योजना को हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी द्वारा वर्ष 1951 में शुरू किया गया था | प्रथम पंच वर्षीय योजना का कार्यकाल सन 1956 तक चला | भारत की यह राष्ट्रीय योजना प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में योजना आयोग द्वारा विकसित और कार्यान्वित होती है | पहली भारत की पंचवर्षीय योजना में विशेष रुप से कृषि क्षेत्र के विकास पर जोर दिया गया | क्योंकि उस समय में खाद्यान्न की कमी गंभीर चिंता का विषय था | प्रथम पंच वर्षीय योजना के दौरान ही पाँच इस्पात संयंत्रों की नींव रखी गई थी |

प्रथम पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • इस भारत की पंचवर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र का विकास था |
  • खाद्यान्नों के मामले में कम से कम संभव समय में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना |
  • मुद्रास्फ़ीति पर नियंत्रण करना |
  • शरणार्थियों का पुनर्वास करना |
  • इस भारत की पंचवर्षीय योजना में सर्वांगीण विकास की प्रक्रिया आरम्भ की गयी,
  • जिससे राष्ट्रीय आय के लगातार बढ़ने का आश्वासन प्राप्त हो सके |

द्वितीय पंच वर्षीय योजना (1956 -1961 )

  • इस भारत की पंचवर्षीय योजना को मुख्य रूप से उद्योगों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए शुरू किया गया था |
  • इस पंच वर्षीय योजना का कार्यकाल सन 1956 से लेकर 1961 तक चला |
  • द्वितीय भारत की पंचवर्षीय योजना में औद्योगिक उत्पादों के लिए घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित किया गया |
  • इस पंच वर्षीय योजना के तहत सरकार द्वारा देश के आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए 5 वर्ष में राष्ट्रीय आय में 25% की बढ़ोतरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया |

द्वितीय पंच वर्षीय योजना का लक्ष्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य उद्योगों को प्राथमिकता प्रदान करना था |
  • योजना के अंतर्गत देश में घरेलु उत्पादन को प्रोत्साहित करना |
  • यह योजना एक बंद अर्थव्यवस्था थी जिसमें मुख्य व्यापारिक गतिविधियां आयात पूंजीगत वस्तुओं पर केंद्रित थीं |
  • इस भारत की पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत इस्पात के तीन बड़े कारखानों- भिलाई, दुर्गापुर तथा राउरकेला का निर्माण किया गया |

तृतीय पंच वर्षीय योजना (1961-1966)

  • इस पंच वर्षीय योजना का कार्यकाल सन 1961 से लेकर सन 1966 तक चला |
  • इस भारत की पंचवर्षीय योजना को सरकार द्वारा मुख्य रूप से कृषि और गेहूं के उत्पादन में सुधार पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए शुरू किया गया था |
  • लेकिन 1962 में हुए संक्षिप्त भारत-चीन युद्ध के कारण,अर्थव्यवस्था में कमजोरियों को उजागर करने तथा रक्षा उद्योग की ओर ध्यान स्थानांतरित कर दिया गया |
  • इस योजना के अंतर्गत कई सीमेंट और उर्वरक संयंत्रों का भी निर्माण किया गया |
  • पंजाब में इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत गेहूं का बहुतायत उत्पादन शुरू किया गया |
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में कृषि और गेहूं के उत्पादन को बढ़ावा देना था |

तृतीय पंच वर्षीय योजना का लक्ष्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत कृषि और उद्योगों को प्राथमिकता दी गयी ।
  • तृतीय भारत की पंचवर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना था |
  • इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत विदेशों में भी निर्यात करने पर जोर दिया गया |
  • इसके अंतर्गत नए उद्योगों का विस्तार किया गया तथा सीमेंट, रासायनिक खाद्य आदि की व्यवस्था की गयी ।
  • घरेलू उत्पाद (सकल घरेलू उत्पाद) का लक्ष्य विकास दर 5.6 प्रतिशत प्राप्त करना था |
  • जबकि हासिल वृद्धि दर 2.84 प्रतिशत थी |

चौथी भारत की पंचवर्षीय योजना (1969-1974)

  • इस पंच वर्षीय योजना को वर्ष 1969 में शुरु किया गया था |
  • इस योजना का कार्यकाल सन 1969 से लेकर 1974 तक चला |
  • चौथी भारत की पंचवर्षीय योजना के शुरू होने के समय देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी थी |
  • इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जी ने 14 प्रमुख भारतीय बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया तथा हरित क्रांति से कृषि को उन्नत किया गया |
  • इंदिरा गांधी जी ने 1971 के चुनाव के समय “गरीबी हटाओ” का नारा दिया |

चौथी पंच वर्षीय योजना का लक्ष्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी गयी |
  • स्थिरता के साथ आर्थिक विकास करना |
  • आत्मनिर्भरता की अधिकाधिक प्राप्ति करना |
  • चौथी भारत की पंचवर्षीय योजना में विकास लक्ष्य दर 5.7% निर्धारित किया गया था |
  • जबकि हासिल वृद्धि दर केवल 3.3% थी |

पांचवी भारत की पंचवर्षीय योजना (1974 – 1979 )

इस पंच वर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक कृषि उत्पादन करना तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना था | इस भारत की पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत 2 अक्टूबर 1975 में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना की गयी | इस योजना के तहत सामाजिक,आर्थिक एवं क्षेत्रीय असमानता को कम करने तथा गरीबी उन्मूलन के साथ आत्मनिर्भरता प्राप्त करने पर जोर दिया गया |

छठी भारत की पंचवर्षीय योजना (1980-1985)

इस योजना को वर्ष 1980 में शुरू किया गया था | छठी भारत की पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल 1980 से लेकर 1985 तक चला | परन्तु छठी पंच वर्षीय योजना को बार बार तैयार किया गया | पहले जनता पार्टी द्वारा 1978-1983 की अवधि हेतु ” अनवरत योजना ” बनाई गई | परंतु 1980 में इंदिरा गाँधी की नई सरकार बनने के पश्चात् यह योजना समाप्त कर दी गयी | तथा नई छठी भारत की पंचवर्षीय योजना (1980-1985) शुरू की गयी | इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत देश में गरीबी को खत्म करके रोज़गार प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया |

छठी पंच वर्षीय योजना का लक्ष्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • इस पंच वर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य देश से गरीबी को समाप्त करना था |
  • देश का आर्थिक विकास करना |
  • आधुनिकीकरण तथा सामाजिक न्याय स्थापित करना |
  • इस भारत की पंचवर्षीय योजना के तहत मुद्रास्फ़ीति 16.7% से घटकर 5% ही रह गयी थी |

सातवीं भारत की पंचवर्षीय योजना (1985-1990)

इस पंच वर्षीय योजना को देश में उत्पादन में बढ़ोतरी करने तथा रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था | सातवीं भारत की पंचवर्षीय योजना में इंदिरा आवास योजना (1985-86), जवाहर रोज़गार योजना (1989) और नेहरू रोज़गार योजना (1989) को लागू किया गया था | यह योजना समाजवाद तथा बड़े पैमाने पर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में किया गया एक अनूठा प्रयास था |

सातवीं पंच वर्षीय योजना का लक्ष्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • देश में गरीबी को कम करना |
  • उत्पादन को बढ़ावा देना |
  • समाज सेवाओं में उन्नति करना |
  • ग्रामीण क्षेत्रो का विकास करके उनको उन्नति की ओर ले जाना |

आठवीं भारत की पंचवर्षीय योजना ( 1992-1997)

इस योजना को वर्ष 1992 में शुरू किया गया था| आठवीं पंच वर्षीय योजना का कार्यकाल सन 1992 से 1997 तक चला | इस योजना में देश में मानव संसाधनों का विकास करने ,रोजगार अथवा शिक्षा व जन स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया | इस योजना के अंतर्गत शिक्षा को बेहतर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया | आठवीं भारत की पंचवर्षीय योजना के तहत जनसंख्या वृद्धि, गरीबी में कमी, रोजगार सृजन को नियंत्रित करने, बुनियादी ढांचे, संस्थागत निर्माण, पर्यटन प्रबंधन, मानव संसाधन विकास, पंचायत राज, नगर Palikas, गैर सरकारी संगठन और विकेन्द्रीकरण और लोगों की भागीदारी की भागीदारी को मजबूत बनाने का प्रयास किया गया | इस पंच वर्षीय योजना के तहत ऊर्जा परिव्यय को 26.6% के साथ प्राथमिकता दी गयी |

आठवीं पंच वर्षीय योजना का उद्देश्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत 15 से 35 वर्ष की आयु समूह के लोगों के बीच निरक्षरता उन्मूलन करना |
  • प्राथमिक शिक्षा का सार्वभौमिकरण |
  • शताब्दी के अतं तक देश के नागरिकों को पूर्ण रोजगार प्रदान करना |
  • इस योजना के अंतर्गत ऊर्जा, परिवहन, संचार तथा सिंचाई को मजबूत करने पर विषय जोर दिया गया |

नवी भारत की पंचवर्षीय योजना (1997-2002)

इस पंच वर्षीय योजना का कार्यकाल 1997 से लेकर 2002 तक चला| इस योजना को तेजी से औद्योगीकरण, मानव विकास, पूर्ण पैमाने पर रोजगार, गरीबी में कमी और घरेलू संसाधनों पर आत्मनिर्भरता जैसे लक्ष्य को पूरा करने के लिए शुरू किया गया था | नवी भारत की पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना, जवाहर ग्राम समृद्धि योजना आदि को सम्मिलित किया गया था | इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत बुनियादी ढांचागत सुविधाओं , सुरक्षित पीने के पानी, बढ़ती जनसंख्या वृद्धि की जांच करने के लिए महिला सशक्तिकरण आदि पर विशेष जोर दिया गया |

नवी पंच वर्षीय योजना का उद्देश्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • 9वीं भारत की पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत सामाजिक न्याय तथा आर्थिक संवृद्धि को प्राप्त करना |
  • प्राकृतिक संसाधनों को पूर्ण रूप से संरक्षित करना |
  • रोजगार, आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय संतुलन जैसे क्षेत्रों पर बल दिया जाना |
  • इस पंच वर्षीय योजना में कृषि क्षेत्र में वृद्धि दर 3.9 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया |
  • जबकि वास्तविक में उपलब्धि केवल 2.1 प्रतिशत रही |
  • प्राकृतिक संसाधनों का उचित तरीके से उपयोग करना |

दसवीं भारत की पंचवर्षीय योजना (2002-2007)

इस पंच वर्षीय योजना को वर्ष 2002 में शुरू किया गया था | इस पंच वर्षीय योजना का कार्यकाल वर्ष 2002 से वर्ष 2005 तक चला | इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2007 तक 5% अंकों से गरीबी के अनुपात में कमी करके लाभकारी और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार उपलब्ध कराये गए | इस दसवीं भारत की पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत देश के उन क्षेत्रों का तेजी से विकास किया गया जहां पर रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध थे | इसमें कृषि, निर्माण, पर्यटन, लघु उद्योग, खुदरा, सूचना प्रौद्योगिकी तथा संचार क्षेत्र से संबंधित आदि सेवाएँ सम्मिलित हैं |

दसवीं पंच वर्षीय योजना का उद्देश्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • देश के अविकसित क्षेत्रो में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना |
  • दसवीं भारत की पंचवर्षीय योजना में सबसे ज़्यादा बल कृषि क्षेत्र के विकास पर दिया गया |
  • इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत सबसे ज़्यादा खर्च ऊर्जा पर किया गया |
  • प्राथमिक शिक्षा की पहुँच को वर्ष 2007 तक सर्वव्यापी बनाना |

11वीं भारत की पंचवर्षीय योजना (2007 -2012 )

इस पंच वर्षीय योजना का शुभारंभ 1 अप्रैल 2007 को किया गया था | ग्यारहवीं भारत की पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल 2007 से लेकर 31 मार्च 2012 तक चला | इस पंच वर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य देश का तीव्रतम एवं समावेशी विकास था | Five Year Plans के लिए योजना आयोग द्वारा कुल बजट 71731.98 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था |

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई थी-

  • कृषि में 4% प्रतिवर्ष वृद्धि का लक्ष्य |
  • उद्यागों एवं सेवाओं में 9-11% प्रतिवर्ष वृद्धि का लक्ष्य |
  • ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सभी लोगों तक बिजली पहुंचाना |

12वीं भारत की पंचवर्षीय योजना (2012 -2017 )

इस पंच वर्षीय योजना का शुभारंभ 01 अप्रैल 2012 को किया गया था | 12वीं पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत आर्थिक क्षेत्र में कृषि, उद्योग, ऊर्जा, परिवहन, संचार, ग्रामीण विकास एवं शहरी विकास को सम्मिलित किया गया | 12वीं भारत की पंचवर्षीय योजना में सालाना विकास दर के आंकड़े को 8.2 प्रतिशत रखा गया है | इस योजना के अंतर्गत सामाजिक क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गार,कौशल विकास, महिला अभिकरण, बाल अधिकार एवं सामाजिक समावेशन को सम्मिलित किया गया |

12वीं पंच वर्षीय योजना का उद्देश्य

योजना आयोग द्वारा 01 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 तक चलने वाली योजनाओं में सालाना 10 फीसदी की आर्थिक विकास दर प्राप्त करने का उद्देश्य |

13वीं भारत की पंचवर्षीय योजना (2017 – 2022 )

इस पंच वर्षीय योजना को वर्ष 2017 में शुरू किया गया था | 13वीं पंच वर्षीय योजना का कार्यकाल वर्ष 2017 से 2022 तक रहेगा | इस पंच वर्षीय योजना के अंतर्गत मानवीय संसाधनों जैसे- पुस्तकों ,क्लास रूम आदि को दुरुस्त किया जाएगा | इसमें रेमिडियल क्लासेज के तहत अनुसूचित जाति , अनुसूचित जन जाति व अन्य पिछड़े वर्ग के कमजोर विद्यार्थियों को अलग से पढ़ाया जाएगा |

13वीं पंच वर्षीय योजना का उद्देश्य

यह योजना निम्नलिखित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शुरू की गई है –

  • राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को गाइडेंस प्रदान करना |
  • विषय-विशेषज्ञों को बुलाया जाना |
  • कॅरियर काउंसलिंग के लिए अलग से बजट प्रदान करना |
  • मानवीय संसाधनों को दुरुस्त करना |

पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य

पंच वर्षीय योजनाओं को देश के आर्थिक तथा सामाजिक विकास के लिए शुरू किया गया था | पंच वर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य देश में विकास की दर को बढ़ाना है | पंच वर्षीय योजना के माध्यम से निवेश को भी बढ़ाया जाता है | इसी के साथ सामाजिक न्याय, गरीबी हटाना, पूर्ण रोजगार,आधुनिकरण आदि की ओर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है | अब तक हमारे देश में 13 पंच वर्षीय योजनाओं को लागू किया जा चुका है | जिसके लिए सरकार द्वारा कोई ना कोई उद्देश्य निर्धारित किया गया है तथा फिर उस उद्देश्य पर काम भी किया गया है | पंच वर्षीय योजनाओं के माध्यम से देश की आर्थिक स्थिति में बहुत सुधार आया है |

Key Highlights of Five Year Plans

योजना का नामपंचवर्षीय योजना
किस ने लांच कीभारत सरकार
लाभार्थीभारत के नागरिक
उद्देश्यदेश का विकास करना
आधिकारिक वेबसाइटयहां क्लिक करें
साल2020

पंच वर्षीय योजना का इतिहास

पहली पंच वर्षीय योजना को 9 जुलाई 1951 को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा संसद में प्रस्तुत किया गया था | यह भारत सरकार द्वारा आजादी के बाद संसाधनों के प्रभावी और संतुलित उपयोग के लिए अपनाई गई योजनाओं का एक औपचारिक मॉडल थी | पंच वर्षीय योजनाओं का संचालन करने के लिए 15 मार्च 1950 को भारतीय योजना आयोग का गठन किया गया था | अब तक भारत में कुल 13 पंच वर्षीय योजनाओं को लागू किया जा चुका है |

पंच वर्षीय योजनाओं के लाभ तथा विशेषताएं

इन पंच वर्षीय योजनाओं के लाभ तथा विशेषताएं निम्नलिखित प्रकार हैं-

  • भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा पंच वर्षीय योजनाओं को 9 जुलाई 1951 में प्रस्तुत किया गया था |
  • पंच वर्षीय योजनाओं के संचालन के लिए भारतीय योजना आयोग का गठन 15 मार्च 1950 को किया गया था |
  • पंच वर्षीय योजनाओं के अंतर्गत कुछ योजनाओं को 5 वर्षों तक चलाया जाता है |
  • जिससे देश का विकास हो सके तथा फिर अग्रिम 5 वर्ष के लिए नई योजनाएं बनाई जाती हैं |
  • पंच वर्षीय योजनाओं के माध्यम से निवेश को भी बढ़ाया जाता है |
  • इन योजनाओं के माध्यम से सामाजिक न्याय,गरीबी हटाना,रोजगार,आधुनिकरण आदि लक्ष्यों की ओर ध्यान केंद्रित किया जाता है |
  • अब तक हमारे देश में 13 पंच वर्षीय योजनाओं को लागू किया जा चुका है |
  • इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य देशवासियों की जीवनशैली में सुधार लाना तथा देश की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है |

Conclusion-

पंच वर्षीय योजनाओं को भारत सरकार द्वारा देश के आर्थिक विकास के लिए शुरू किया गया है | प्रथम पंचवर्षीय योजना को हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा सन 1951 में प्रस्तुत किया गया था | पंचवर्षीय योजनाओं के तहत विभिन्न प्रकार की योजनाओं को 5 वर्ष के लिए लागू किया जाता है | यह योजनाएं देश के आर्थिक तथा सामाजिक स्तर को सुधारने के लिए चलाई जाती हैं | अब तक हमारे देश में कुल 13 पंचवर्षीय योजनाएं लागू की गई हैं |

दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हमने आपको पंच वर्षीय योजनाओं से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की | हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा आज का यह आर्टिकल अवश्य ही पसंद आएगा | यदि आप इस आर्टिकल से संबंधित किसी भी प्रकार का कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट भी कर सकते हैं | आपके द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर हम अवश्य ही प्रदान करेंगे | हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद | इसी प्रकार की अन्य जानकारियों के लिए आप हमारे साथ बने रहिए |

और पढ़ें

राजस्थान शुभ शक्ति योजना 2020

Leave a comment